नयी दिल्ली , जून 22 -- श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय की ओर से लंबित श्रम मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए चलाये जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) से जुड़े 178 दावा मामलों की पहचान कर उनके त्वरित निपटारे की प्रक्रिया शुरू की है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने आज बताया कि एक जून से 31 अगस्त तक चल रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य वर्षों से लंबित श्रम मामलों का तेजी से निस्तारण सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में वेतन संहिता, 2019 के तहत अधिकृत क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), नयी दिल्ली ने संबंधित पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 15 जून को नोटिस जारी किये थे। इन मामलों की सुनवाई 24 जून को निर्धारित की गयी है।
विशेष पहल के तहत सभी 178 मामलों को एक ही दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। चौबीस जून का पूरा दिन विशेष रूप से डीएमआरसी से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए आरक्षित रखा गया है। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम श्रमिकों के दावों के समयबद्ध निपटारे और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
मंत्रालय ने उम्मीद जतायी है कि इस केंद्रित सुनवाई से लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आयेगी, श्रमिकों को समय पर राहत मिलेगी तथा श्रम न्याय प्रणाली में विश्वास और मजबूत होगा। यह पहल मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) संगठन की नवाचारी और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली को भी दर्शाती है।
इस अभियान के तहत समान प्रकृति के मामलों को एक साथ समूहबद्ध कर क्लस्टर-आधारित सुनवाई की नयी व्यवस्था अपनायी गयी है। इससे श्रम अधिकारियों को बड़ी संख्या में मामलों का अधिक व्यवस्थित, कुशल और समयबद्ध निस्तारण करने में सहायता मिलेगी। मंत्रालय का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में देशभर में लंबित श्रम मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
डीएमआरसी के अपर महाप्रबंधक (परियोजनाएं) ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसकी सफलता के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
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