श्रीनगर , अप्रैल 24 -- केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि जो राष्ट्र अपने कार्यबल की गरिमा को महत्व देता है, उसे प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है।
जम्मू-कश्मीर में बडगाम जिले के ओमपोरा में 30 बिस्तरों वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल का उद्घाटन करते हुए श्री मंडाविया ने शुक्रवार को कहा "जो देश अपने श्रमिकों की गरिमा को महत्व देता है, उसे प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। यह कार्यबल ही है जिसके अथक प्रयासों से राष्ट्र आगे बढ़ता है और इसलिए श्रमिकों की भलाई शासन के केंद्र में होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश के हर श्रमिक के लिए गरिमा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।"उल्लेखनीय है कि यह कश्मीर में ईएसआईसी सुविधा वाला पहला अस्पताल होगा, जिससे इस क्षेत्र में श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और सामाजिक सुरक्षा को काफी बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्रमिक कल्याण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को वैश्विक मान्यता मिली है। उन्होंने कहा, "नयी श्रम संहिताएं श्रमिकों के लिए कई लंबे समय से प्रतीक्षित सुरक्षा उपायों की गारंटी देती हैं, जिनमें वार्षिक स्वास्थ्य जांच, अनिवार्य नियुक्ति पत्र और न्यूनतम मजदूरी शामिल हैं। ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से वार्षिक स्वास्थ्य जांच का प्रावधान बीमारियों का शीघ्र पता लगाने, श्रमिकों के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगा।"श्री मंडाविया ने इस कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर उन कर्मचारियों को सम्मानित किया जिन्होंने ओमपोरा में अस्पताल बनाने में योगदान दिया था और साथ ही जम्मू - कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के बीमित व्यक्तियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ भी प्रदान किए।
इस अस्पताल को 165 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों तक विस्तार की सुविधा के साथ स्थापित किया गया है और इससे 50,000 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
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