जौनपुर , जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में वर्ष 2005 के श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड की 21वीं बरसी के अवसर पर जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशनों और जौनपुर से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, घटना में मारे गए लोगों के परिजन अब भी तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा रेलवे में नौकरी देने के आश्वासन के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि 28 जुलाई 2005 को पटना से नई दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में जौनपुर जिले के हरपालगंज (सिंगरामऊ) और कोइरीपुर (सुल्तानपुर) रेलवे स्टेशनों के बीच हरिहरपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास हुए भीषण बम विस्फोट में 14 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 90 लोग घायल हुए थे। मृतकों में शेख फैजल, कुनाल, सुधीर कुमार, परमशिला, विनोद, रविदास, कमालुद्दीन, सुभाष ठाकुर, कुमारी कविता, सुबोध बढ़ई, अरविंद सिंह, संतोष, दिगंबर चौधरी, सफीक उर्फ डब्बू और अमरनाथ चौबे शामिल थे।

जांच में इस आतंकी साजिश के पीछे ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई, नफीकुल विश्वास, मोहम्मद आलमगीर उर्फ रोनी, सोहाग खान उर्फ हिलालुद्दीन, डॉ. सईद और गुलाम रजदानी उर्फ याहिया के नाम सामने आए। जांच एजेंसियों के अनुसार इस हमले की साजिश बांग्लादेश के राजशाही में रची गई थी। गुलाम रजदानी बाद में एक मुठभेड़ में मारा गया, जबकि डॉ. सईद और एक अन्य आरोपी मोहम्मद शरीफ अब भी फरार बताए जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

इस मामले में तत्कालीन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बुधिराम यादव ने 30 जुलाई 2016 को आलमगीर उर्फ रोनी तथा 31 अगस्त 2016 को ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को मृत्युदंड और 10-10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राजेश कुमार राय ने 3 जनवरी 2024 को नफीकुल विश्वास और हिलालुद्दीन को भी मृत्युदंड तथा पांच-पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

घटना के दो दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मृतकों के परिजन रेलवे में नौकरी दिए जाने के तत्कालीन आश्वासन के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। परिजनों को उम्मीद है कि उनकी लंबित मांग पर केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा।

21वीं बरसी के मद्देनजर जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने जिले के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें स्टेशनों तथा ट्रेनों में सघन जांच अभियान चला रही हैं। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि जौनपुर से गुजरने वाली सभी ट्रेनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

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