भिण्ड , सितंबर 04 -- मध्यप्रदेश में भिण्ड जिले के लहार अनुभाग की ररुआ नंबर दो पंचायत के भड़ेरी गांव में श्मशान घाट नहीं होने से ग्रामीणों को बारिश के दौरान अंतिम संस्कार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के चलते एक महिला का अंतिम संस्कार दूसरे दिन खेतों के रास्ते नदी किनारे खुले स्थान पर करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार भड़ेरी गांव निवासी लीलाधर की मां लल्लन बाई (80) का दो सितंबर की रात बीमारी के चलते निधन हो गया था। लगातार हो रही बारिश और गांव में श्मशान घाट नहीं होने के कारण परिजन अगले दिन उनका अंतिम संस्कार कर सके।
स्थानीय निवासी विजय कुमार ने बताया कि काफी प्रयास के बाद गांव से दूर खेतों के रास्ते नदी किनारे पहुंचकर खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ा। बारिश से बचाव के लिए परिजन दो बड़ी तिरपाल साथ लेकर गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि गांव के सभी लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बताया गया है कि लीलाधर की पत्नी लल्लन बाई की भी करीब तीन वर्ष पहले बीमारी से मृत्यु हुई थी। उस समय भी तेज बारिश के कारण टीन लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा था। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद भी श्मशान घाट निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस संबंध में लहार एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने कहा कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश देकर गांव में जल्द श्मशान घाट निर्माण कराने के लिए कहा जाएगा, ताकि ग्रामीणों को आगे इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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