भीलवाड़ा , जुलाई 10 -- राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान की जमीनों से जुड़े विवादों का स्थाई समाधान करने के लिए राजस्व विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है।

आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि अब श्मशान भूमि से जुड़े सभी विवादों को ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से मौके पर ही सुलझाया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट आदेश दिये हैं कि जिन श्मशानों की जमीन का वर्तमान में कोई सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, उन्हें जल्द से जल्द सरकारी जमाबंदी में दर्ज किया जाये।

राजस्व विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रशासन को गांवों में जाकर श्मशान की जमीनों का भौतिक सत्यापन करना होगा और उनका उचित सीमांकन (नाप-जोख) सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही, श्मशान भूमियों पर लंबे समय से चले आ रहे अवैध अतिक्रमणों को तुरंत हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

जमीन का पूरा नाप-जोख करने के बाद उसका रिकॉर्ड सरकारी जमाबंदी में दर्ज किया जाएगा। ग्रामीणों की सहूलीयत के लिए राजस्व विभाग ने श्मशानों तक जाने वाले रास्तों के अवरोध हटाकर उन्हें खुलवाने और इन जमीनों को पूरी तरह से संबंधित ग्राम पंचायतों के सुपुर्द करने के भी कड़े आदेश दिये हैं।

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