श्रीनगर , अक्टूबर 30 -- जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में पुलिस ने कथित आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़करते हुए 10 संदिग्ध आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इन पर लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए धन जुटाने और उसे विभिन्न माध्यमों से पहुंचाने का आरोप है।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि कई ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म के जरिए किए गए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में कई स्तरों पर पैसों के लेनदेन का पता चला। साथ ही आरोपियों के संबंध विभिन्न जेलों में बंद आतंकवादियों और उनके सहयोगियों से भी सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर आम लोगों से गुप्त रूप से धन एकत्र कर उसे स्थापित वित्तीय माध्यमों के जरिए आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पहुंचा रहे थे। पुलिस ने कहा, " प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी आम जनता से गुप्त रूप से धन एकत्र कर रहे थे और लश्कर-ए-तैयबा तथा टीआरएफ की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित वित्तीय नेटवर्क के माध्यम से इसे आगे पहुंचा रहे थे। इस धन का इस्तेमाल कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए स्मार्टफोन सहित अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने में भी किया जा रहा था।"पुलिस ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है। इसका उद्देश्य पूरे नेटवर्क का पता लगाना, अन्य वित्तीय संबंधों की पहचान करना और इसमें शामिल दूसरे लोगों को गिरफ्तार करना है। इस संबंध में पुलिस थाना शोपियां में प्राथमिकी के तहत संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक इस मामले में 10 कथित आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शोपियां के सैदपोरा बाला निवासी ओवैस शफी नाइकू, रावलपोरा निवासी ताजमुल अहमद शाह, चित्रगाम कलां निवासी मोइज इकबाल और इमदाद यूसुफ गनई, पुलवामा के मुर्रान निवासी साकिब जहूर वानी, अरमोल्ला निवासी आमिर अहमद गनई, त्रेंज के नादिगुंड निवासी फिरदौस ठोकर, पुलवामा के मुर्रान निवासी लियाकत नजीर लोन तथा कठुआ के चेक हरिया निवासी मोहम्मद हनीफ और काजू के रूप में हुई है।
पुलिस ने कहा कि इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस ने इस कार्रवाई को केंद्र शासित प्रदेश मेंकथित आतंकवादी फंडिंग के स्रोतों को बाधित करने और आतंकवादी संगठनों के समर्थन नेटवर्क को खत्म करने के प्रयासों का हिस्सा बताया है।
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