भोपाल , अप्रैल 06 -- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के भोपाल प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर राजधानी के शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती हिंसात्मक घटनाओं, अवैध हथियारों की उपलब्धता और मादक पदार्थों की बिक्री पर चिंता व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार, जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर, प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस, युवा कांग्रेस के जिला महासचिव आशीष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया और योगेश सोनी शामिल थे।

एनएसयूआई ने 05 अप्रैल को दो विश्वविद्यालयों के छात्रों के बीच हुई फायरिंग की घटना का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर बताया, जिसमें दो छात्र घायल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि शहर में ऐसे नेटवर्क सक्रिय हैं जहां से छात्रों को अवैध हथियार आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं तथा शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे का कारोबार भी फैल रहा है।

श्री परमार ने कहा कि कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बावजूद यदि छात्रों के हाथों में हथियार पहुंच रहे हैं तो यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न है। उन्होंने अवैध हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

श्री तोमर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान शिक्षा के केंद्र हैं और यहां अपराध व नशे की गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं श्री अल्तमस ने शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष अभियान चलाकर नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा प्रत्येक कॉलेज में छात्र सुरक्षा समिति के गठन की मांग की।

एनएसयूआई ने ज्ञापन के माध्यम से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, हेल्पलाइन एवं क्यूआर कोड व्यवस्था, छात्रावासों का सत्यापन और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग रखी। पुलिस कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले में आवश्यक जांच और कार्रवाई की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने पर आंदोलन किया जाएगा।

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