चंडीगढ़/संगरूर , अक्टूबर 20 -- पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की अध्यक्ष रीना गुप्ता ने मंगलवार को संगरूर जिले की सुनाम तहसील के शेरों गांव का दौरा कर किसानों से पराली प्रबंधन की चुनौतियों पर चर्चा की और उन्हें फसल अवशेष जलाने से बचने की अपील की। इस दौरान गांव के किसानों ने चालू सीजन में पराली नहीं जलाने का भरोसा दिया।

गांव की पंचायत लाइब्रेरी में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पराली जलाने से पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की गुणवत्ता पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। पीपीसीबी अध्यक्ष ने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर उनकी जरूरतों को समझा।

इस अवसर पर सुनाम के उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) गगनदीप सिंह ने किसानों और सरकारी विभागों के बीच समन्वय के साथ पराली जलाने की समस्या खत्म करने पर जोर दिया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने पराली के खेत में ही प्रबंधन और खेत से बाहर उपयोग के लिए मशीनें उपलब्ध कराई हैं। गांव में किसानों को समय पर मशीनें उपलब्ध कराने और उनके संचालन में मदद के लिए क्लस्टर तथा नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।

इसके बाद सुश्री गुप्ता ने लोहाखेड़ा गांव स्थित पराली से पेलेट बनाने वाले संयंत्र का दौरा किया और वहां के कामकाज तथा पराली से जैव ईंधन तैयार करने की प्रक्रिया की समीक्षा की। संयंत्र प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि तैयार पेलेट की आपूर्ति ईंट भट्ठा संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर की जाए, ताकि पराली का वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल बढ़े और खेतों से बाहर पराली के निपटारे की व्यवस्था मजबूत हो।

दौरे के दौरान पीपीसीबी के सदस्य सचिव डॉ. लवनीत कुमार दुबे, मुख्य अभियंता रविंदर भट्टी, वरिष्ठ अभियंता डॉ. राजीव गुप्ता, कार्यकारी अभियंता रोहित सिंगला और कृषि अधिकारी इंदरजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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