श्रीगंगानगर , अप्रैल 11 -- राजस्थान के बीकानेर जिले में दो अलग-अलग साइबर धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। जहां शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर एक सरकारी कर्मचारी और महिला से लगभग 40 लाख रुपये की ठगी की गयी।
दोनों पीड़ितों ने साइबर थाने में अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं और पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में पंचायत समिति नोखा में वरिष्ठ क्लर्क के पद पर कार्यरत रामनारायण सारण (42) साइबर ठगों को शिकार बना। पुलिस के अनुसार फरवरी में रामनारायण के मोबाइल नंबर को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप का नाम 'आर11-5 पैसा वेल्थ इवोल्यूशन' था। ग्रुप के एडमिन शरतकुमार मलिक और शालिनी कुलकर्णी दिख रहे थे। दोनों ने ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश करके अधिक लाभ कमाने का प्रलोभन दिया। शालिनी कुलकर्णी ने खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताते हुए कहा कि वह प्राइमरी खाता बनाकर ट्रेडिंग करवाएगी, जिससे ज्यादा मुनाफा होगा। रामनारायण ने निवेश की इच्छा जताई तो शालिनी ने तुरंत दूसरा व्हाट्सएप ग्रुप 'पांच पैसा वीआईपी सर्विस-122' बनाया और उसे उसमें शामिल कर लिया। इस ग्रुप में भी शालिनी कुलकर्णी और एक अन्य यूजर एडमिन थे।
शालिनी ने रामनारायण को '5 पीसीएलपीएम' एप्लिकेशन का लिंक भेजकर उस पर रजिस्ट्रेशन करवाया। इसके बाद उसने बताया कि एक आईपीओ में निवेश का अच्छा मौका है। रामनारायण ने शालिनी द्वारा बताए गए बैंक खातों में आठ मार्च से छह अप्रैल के दौरान अपने एसबीआई बैंक अकाउंट से कुल 19 लाख 81 हजार 207 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। ट्रांसफर के बाद 5 पीसीएलपीएम एप्लिकेशन के पोर्टफोलियो में उन्हें लाभ सहित कुल 36 लाख 19 हजार 371 रुपये दिखाई देने लगे। जब उसने राशि निकालने का प्रयास किया तो राशि नहीं निकली। शालिनी कुलकर्णी से संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं मिला। तब रामनारायण को धोखाधड़ी का शक हुआ। उन्होंने सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और शुक्रवार देर शाम साइबर थाने में लिखित रिपोर्ट दी।
दूसरे मामले में बीकानेर के गंगा शहर थाना क्षेत्र अंतर्गत व्यापार नगर की निवासी स्वाति कोचर को ठगों ने 'घर बैठे रुपया कमाने' का झांसा देकर निशाना बनाया। स्वाति कोचर ने दो दिन पहले साइबर थाने में मामला दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि 10 मार्च से सात अप्रैल के दौरान अज्ञात साइबर ठगों ने उनसे 20 लाख 34 हजार 316 रुपये की धोखाधड़ी की है।
साइबर थाना पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है। पहले मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक ओमप्रकाश को सौंपी गई है, जबकि दूसरे मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक खेताराम कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों पीड़ितों द्वारा जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उन सभी खातों की डिटेल्स निकाली जा रही हैं। ठगी गई राशि को ट्रैक करके जहां तक संभव हो सके, संबंधित बैंक खातों में होल्ड लगवाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि धोखेबाजों द्वारा रकम निकाली न जा सके।
पुलिस ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि शेयर ट्रेडिंग, निवेश या घर बैठे कमाई के किसी भी आकर्षक ऑफर पर भरोसा न करें, खासकर जब अजनबी व्हाट्सएप ग्रुप या ऐप के जरिए संपर्क किया जाए।
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