कोलकाता , जुलाई 30 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने न्याय की आस लिए गुरुवार को उनके साप्ताहिक जनता दरबार में प्रदेश भर से आये लोगों की फरियादें सुनी और विभागों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिये।

जनता दरबार में आयी एक महिला ने बताया कि दो साल पहले उसकी बेटी के साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गयी तथा उसके शरीर को तेजाब से जला दिया गया। उसने दावा किया कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को हत्या माना था, लेकिन बाद में इसे आत्महत्या करार दे दिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार प्रयास करने के बावजूद परिवार को दुष्कर्म और हत्या की शिकायत दर्ज कराने की अनुमति नहीं दी गयी।

महिला ने दावा किया कि आखिरकार एक वकील की मदद से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी, लेकिन जांच में कोई सार्थक प्रगति नहीं हो सकी। पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया। उसने दावा किया कि एक तत्कालीन सांसद ने मामले को दबाने की कोशिश की थी। इस आरोप की पुष्टि नहीं की जा सकी।

महिला ने कहा कि घटना के बाद तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अधिकारी ने परिवार से मुलाकात की थी और उन्हें मदद का आश्वासन दिया था।

मुख्यमंत्री से मिलने के बाद महिला ने उम्मीद जतायी कि आखिरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी। उसने कहा, "मुख्यमंत्री ने हमारी बात सुनी। उन्होंने हमें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है और कहा है कि वे इस मामले को देखेंगे।"परिवार की गोपनीयता बनाये रखने के लिए पीड़िता की मां के अनुरोध पर उसकी पहचान उजागर नहीं की जा रही है।

मुख्यमंत्री का साप्ताहिक जन शिकायत कार्यक्रम साल्ट लेक के सेक्टर पांच स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में आयोजित किया गया, जहां श्री अधिकारी ने कई लोगों की शिकायतें सुनीं, जिनमें एक मामला यह भी था।

एक पूर्व भाजपा कार्यकर्ता, जिनकी हत्या कर दी गयी थी, के परिवार ने मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2012-13 से सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता सुमन मंडल को बार-बार धमकियां मिलती थी, उनपर हमला भी हुआ और अंत में नवंबर 2025 में उनकी हत्या कर दी गयी। मृतक भाजपा कार्यकर्ता के परिजनों ने दावा किया कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है।

मुख्यमंत्री के जन शिकायत कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से सामने आये। सुंदरबन की एक महिला ने अपनी बेटी के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से मदद मांगी। करीब तीन वर्ष पूर्व 2023 में उसकी बेटी के जन्मजात हृदय दोष से पीड़ित होने का पता चला था। महिला ने बताया कि परिवार एसएसकेएम अस्पताल सहित कई अस्पतालों में गया, लेकिन उचित इलाज नहीं मिल सका।

एक सरकारी नर्स ने अपने तबादले को लेकर हस्तक्षेप की मांग की। उसने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध उसका तबादला कर दिया गया था। बार-बार प्रतिवेदन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

पंचायत विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी सेवाओं को नियमित करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया और दावा किया कि वे कई वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया गया।

मालदा के हरन मंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और आरोप लगाया कि उन पर और उनके परिवार पर धर्मपरिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है तथा उन्हें वित्तीय प्रलोभन भी दिये गये हैं। उन्होंने एक पूर्व मंत्री पर पर इस मामले में संलिप्त होने का आरोप लगाया। इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को शिकायतों की जांच करने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

श्री अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद 'जनता दरबार' की शुरुआत की थी। यह कार्यक्रम सप्ताह में एक बार आयोजित किया जाता है। इसमें पूरे पश्चिम बंगाल से लोग अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं।

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