कोलकाता , अगस्त 16 -- पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत पश्चिम बंगाल के कई दिग्गज नेताओं ने पूर्व मंत्री व रामपुरहाट से पांच बार विधायक रहे आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री अधिकारी ने शोकाकुल परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया वहीं सुश्री ममता ने अपने अंतिम दिनों में श्री आशीष द्वारा झेले गये 'अत्यधिक मानसिक एवं भावनात्मक दबाव' की ओर इशारा करते हुए इसे बेहद दुखद बताया।
श्री आशीष का शव रविवार सुबह रामपुरहाट स्थित उनके आवास के पास उनके राजनीतिक संगठन के कार्यालय से बरामद किया गया।
पुलिस ने मौके से एक पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने फैसले के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
रविवार को फेसबुक पोस्ट में सुश्री ममता ने श्री आशीष को शिक्षक और समाजसेवी के रूप में याद किया, जिन्होंने रामपुरहाट और बीरभूम के लोगों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाये रखा।
उन्होंने लिखा, "श्री आशीष के निधन ने मुझे गहराई से व्यथित कर दिया है। उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा समर्पण के साथ शिक्षण और समाज की सेवा में बिताया, जिन्हें हमेशा उनके विनम्र स्वभाव और रामपुरहाट व बीरभूम के लोगों के साथ करीबी जुड़ाव के लिए जाना जाता था।"इसके बाद उन्होंने उस राजनीतिक और भावनात्मक दबाव का जिक्र किया, जिसका सामना श्री आशीष अपने अंतिम दिनों में कर रहे थे।
सुश्री ममता ने लिखा, "जो बात इस त्रासदी को और भी दर्दनाक बनाती है, वह है अत्यधिक मानसिक और भावनात्मक तनाव, जिसे उन्होंने अपने अंतिम दिनों में झेला प्रतीत होता है।"श्री आशीष के राजनीतिक करियर का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा में उपाध्यक्ष और राज्य के कैबिनेट मंत्री का पद संभालने के अलावा पांच बार विधायक रहे हैं और रामपुरहाट के विकास के लिए उन्होंने काम किया था।
उन्होंने लिखा, " उनके काम के बावजूद, उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, झूठे आरोप लगाये गये और उन्हें अत्यधिक मानसिक दबाव में रखा गया।"सुश्री ममता ने कहा कि श्री आशीष द्वारा झेली गई प्रताड़ना हम सभी को राजनीतिक शत्रुता के परिणामों पर विचार करने के लिए विवश करती है।
उन्होंने कहा, "सार्वजनिक सेवा के अपने लंबे रिकॉर्ड के बावजूद, जिस उत्पीड़न और मानसिक दबाव का उन्होंने सामना किया, उसे हम सभी को रुकने और निरंतर राजनीतिक शत्रुता की मानवीय कीमत पर विचार करने के लिए मजबूर करना चाहिए।"उन्होंने श्री आशीष के परिवार, पूर्व छात्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "उनकी कमी हमेशा गहराई से महसूस की जायेगी।"सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी वीडियो कॉल पर श्री आशीष की पत्नी, बहन और उनके 84 वर्षीय दो बड़े भाइयों से बात की और शोकाकुल परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
श्री अधिकारी ने 2006 से श्री आशीष के साथ अपने जुड़ाव को भी याद किया, जब वे विधानसभा में विपक्ष के कुछ विधायकों में शामिल थे।
उन्होंने श्री आशीष को शिक्षित और विनम्र राजनीतिज्ञ बताया और विधानसभा में कई अवसरों पर उनकी सत्यनिष्ठा के बारे में बोलने की बात याद की।
दिग्गज राजनीतिज्ञ के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों से प्रतिक्रियाएं सामने आयी हैं, जिनमें नेताओं ने रामपुरहाट के साथ उनके लंबे जुड़ाव और उनके दशकों के जनसेवा को याद किया है।
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