मुंबई , अक्टूबर 03 -- महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा शिवाजी पार्क में बिना आधिकारिक अनुमति के आयोजित बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद शिकायतों और कानूनी विकल्पों की जांच कर रही है। इस दौरान पुलिसऔर आयोजकों द्वारा भीड़ के अनुमान में काफी अंतर देखा गया है।

पुलिस के मुताबिक, इस प्रदर्शन में करीब 4,500 से 5,000 लोग शामिल हुए, जबकि सीजेपी का दावा है कि इसमें 35,000 से 40,000 लोगों ने हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकरकिया गया था, जिसमें चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे इस बात पर कानूनी सलाह लेंगे कि क्या उन आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाये, जिन्होंने कथित तौर पर अधिकारियों द्वारा सभा की अनुमति न देने के आदेश की अनदेखी की। इस मामले में एक स्थानीय निवासी ने भी औपचारिक शिकायत दर्ज करायी है, जिससे आयोजकों और विरोध-प्रदर्शन के आयोजन की परिस्थितियों की जांच और बढ़ गयी है।

स्थानीय निवासी और वकील सिद्धि देवलेकर ने शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में सीजेपी कार्यकर्ताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और पार्टी की लीगल मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी।सुश्री देवोलकर ने अपनी शिकायत और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बाद में की गयी पोस्ट में आरोप लगाया कि आयोजकों ने साफ़ तौर पर अनुमति न मिलने के बावजूद प्रदर्शन किया और सार्वजनिक मैदान पर भारी भीड़ जुटाई।

उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि वे इस सभा के आयोजन के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करें।

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