मुंबई , अक्टूबर 12 -- महाराष्ट्र की राजनीति में जारी घमासान के बीच मुंबई पुलिस ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता अमित ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दादर स्थित ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में बिना अनुमति जोरदार प्रदर्शन करने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

चुनाव आयोग के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिवाजी पार्क में विरोध रैली का आह्वान किया था, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ। पुलिस ने अदालत के सख्त दिशा-निर्देशों और मैदान में जनसभाओं पर रोक वाले सरकारी आदेशों का हवाला देते हुए रैली की इजाजत देने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद जैसे ही भीड़ बढ़ने लगी, पुलिस ने आप नेता अंजलि दमानिया समेत करीब 300 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही आदित्य ठाकरे अपने भाई तेजस ठाकरे और मनसे नेता अमित ठाकरे के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। राजनीतिक एकजुटता की एक दुर्लभ मिसाल पेश करते हुए दोनों नेताओं ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर और शिवाजी पार्क थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान श्री आदित्य और श्री अमित ने गाड़ी की छत पर चढ़कर उत्साहित समर्थकों को संबोधित किया और सत्तापक्ष पर करारा हमला बोला।

प्रदर्शन के दौरान श्री आदित्य ने कहा, "सड़क पर उतरते देश के नागरिकों और देशभक्तों से भाजपा सरकार डर गई है। अगर वे सोचते हैं कि पुलिसिया कार्रवाई के बल पर वे शांतिपूर्ण आवाजों को दबा देंगे, तो हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।"ठाकरे भाइयों के कड़े दबाव और आक्रामक रुख के कारण प्रशासन को देर रात सभी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को छोड़ना पड़ा।

पुलिस ने अब इस मामले में सख्त कानूनी कदम उठाए हैं। पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में दोनों नेताओं और अन्य आयोजकों पर निषेधाज्ञा के उल्लंघन, गैर-कानूनी तरीके से जमावड़ा लगाने और जनजीवन बाधित करने के आरोप लगाए हैं।

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