हैदराबाद , फरवरी 21 -- केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को सरलता से कर्ज उपलब्ध कराने के लिए एक तरह की खास कर्ज प्रणाली और जनसमर्थ पोर्टल की शुरुआत की।

श्री चौहान यहां दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की केंद्रीय स्तरीय समन्वय समिति की 25वीं बैठक में शामिल होने आये थे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों और बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, " स्वयं सहायता समूह की हमारी बहनें बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन में अधिक सक्षम बन सकें, इसके लिए भी हमने आज एक डिजिटल मॉड्यूल लॉन्च किया है। हमारा संकल्प बहनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि देश के विकास को नयी गति मिले। "उन्होंने इस अवसर पर व्यक्तिगत उद्यम ऋण प्रणाली और जनसमर्थ पोर्टल की शुरुआत के साथ इन समूहों के सदस्यों के लिए यूपीआई क्रेडिट लाइन भी शुरू की। उन्होंने स्वयं सहायता समूह के लिए केंद्र सरकार के लक्ष्यों के बारे में कहा कि चार करोड़ स्वयं सहायता समूहों के परिवारों को वित्तीय योजना से जोड़ा जायेगा। इसके अलावा डेढ़ लाख करोड़ रुपये का इंडिविजुअल एंटरप्राइज वित्तीय कर्ज देने, 50 प्रतिशत समूहों के सदस्यों को वित्तीय साक्षर बनाना और 1.5 करोड़ सदस्यों को अंशदान पेंशन से जोड़ना है।

इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे देश की सबसे अनुशासित और भरोसेमंद कर्जदार साबित हुई हैं। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं का गैर निष्पादित सम्पत्ति (एनपीए) स्तर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, कृषि और यहां तक कि कॉर्पोरेट ऋणों की तुलना में भी काफी कम है। श्री पेम्मासानी ने इस बात पर भी जोर दिया कि बैंकों के प्रदर्शन को केवल ऋण वसूली से नहीं, बल्कि ऋण वितरण से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए वित्तीय साक्षरता, मार्केटिंग सहायता और क्षमता निर्माण पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया।

इस बैठक में तेलंगाना की पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री धनश्री अनुसूया सीताक्का, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद थीं।

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