जलगांव , मार्च 19 -- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के जलगाँव के एक निजी पॉलीहाउस ( विशेष प्लास्टिक शीट से घिरे खेत) में आधुनिक ढंग से की जा रही काली मिर्च की खेती की सराहना की है।

उन्होंने पारंपरिक खेती और आधुनिक तकनीक के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए किसानों की आय बढ़ाने का नया विज़न साझा करते कहा कि देश के दक्षिणी राज्यों में काली मिर्च की खेती पारंपरिक रूप से पेड़ों के सहारे की जाती है, जहाँ प्रति हेक्टेयर उत्पादन लगभग 500 से 700 किलोग्राम तक ही सीमित रहता है। इसके विपरीत, यहां के पॉलीहाउस के भीतर पोल के सहारे और टिशू कल्चर आधारित उन्नत तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रयोग के माध्यम से उसी वैरायटी से तीन टन तक उत्पादन लिया जा रहा है, जो पारंपरिक पद्धति से कई गुना अधिक है।

श्री चौहान ने सोशल मीडिया पर साझा किये एक वीडियो में काली मिर्च के पेड़ भी दिखाए और इस प्रयोग को 'मसालों में आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक और शोध के मेल से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी भारी सुधार होगा।

गौरतलब है कि 'काली मिर्च' को 'मसालों का राजा' भी कहा जाता है जो भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मसालों में से एक है। वर्तमान में भारत वियतनाम और इंडोनेशिया के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा काली मिर्च उत्पादक है।

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