शिलॉन्ग , फरवरी 24 -- मेघालय सरकार ने शिलॉन्ग हवाई अड्डे के विस्तार के लिए निजी ज़मीन का अधिग्रहण पूरा करने के साथ-साथ रक्षा मंजूरी भी हासिल कर ली है। मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्निवभलंग धर ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।
शिलॉन्ग हवाई अड्डा इस समय सिर्फ एटीआर-72 हवाई जहाज़ों का संचालन करता है, क्योंकि इसके रनवे की लंबाई केवल 1829 मीटर है। श्री धर ने कटौती प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के साथ मिलकर इस रनवे को 2,400 मीटर तक बड़ा करने की योजना बनायी है। इससे रनवे 22 पर वायु यान उतर पाएंगे। साथ ही रनवे-4 से हवाई जहाज़ उड़ान भी भर सकेंगे।
उन्होंने कहा, " विस्तार के लिए अतिरिक्त 22 एकड़ ज़मीन चाहिए, 11.75 एकड़ निजी ज़मीन है और 10.3 एकड़ रक्षा मंत्रालय की है।"श्री धर ने कहा कि रि-भोई जिले के उपायुक्त ने 28 जनवरी को निजी जमीन का अधिग्रहण 72.17 करोड़ रुपए की कीमत पर पूरा कर लिया था। अब जमीन एएआई को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। श्री धर ने रक्षा मंत्रालय की जमीन के हवाले से कहा कि मंत्रालय ने 17 अप्रैल, 2025 को काम करने की अग्रिम मंज़ूरी दे दी थी, बशर्ते इसके बराबर ज़मीन उन्हें दी जाए। राज्य ने इस काम के लिए उमरोई मदान गांव 7.7255 एकड़ ज़मीन की पहचान की है, जिसकी कीमत करीब 23.55 करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय के साथ मार्च 2026 में समझौते पर हस्ताक्षर किये जाएंगे। उन्होंने हवाई अड्डे के विस्तार को रणनीतिक रूप से अहम बताते हुए कहा कि बढ़ी हुई क्षमता पर्यटन को बढ़ावा देगी और मेघालय में ज्यादा निवेश आकर्षित करेगी।
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