चंडीगढ़ , अगस्त 9 -- शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है कि पार्टी के प्रथम स्थापना दिवस के अवसर पर 11 अगस्त को श्री अकाल तख्त साहिब में बंदी सिंहों की रिहाई के लिए विशेष अरदास की जाएगी।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने रविवार को जारी प्रेस बयान में कहा कि लंबे समय से जेलों में बंद सिख युवाओं की रिहाई नहीं हो पाई है और कई बंदी सिंह जेलों में उम्रदराज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि बलवंत सिंह राजोआणा पिछले 31 वर्षों से जेल में हैं और इनमें से 19 वर्ष उन्होंने फांसी की सजा के तहत बिताए हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक उनके मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि जगतार सिंह हवारा की माता वृद्ध हैं, लेकिन उन्हें अपनी माता से मिलने के लिए पैरोल तक नहीं दी गई। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषी ठहराए गए गुरमीत राम रहीम सिंह को साल में कई बार पैरोल दी जाती है।

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल की स्थापना 14 दिसंबर 1920 को श्री अकाल तख्त साहिब की अगुवाई में हुई थी। समय के साथ संगठन में पैदा हुई कमियों और कथित कुरीतियों को दूर करने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब ने 2 दिसंबर 2024 को दोबारा हस्तक्षेप करते हुए संगठन के पुनर्जीवन के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत पांच सदस्यीय समिति द्वारा सदस्यता अभियान चलाया गया और 11 अगस्त 2025 को आयोजित लोकतांत्रिक आम अधिवेशन में ज्ञानी हरप्रीत सिंह को अध्यक्ष चुना गया था।

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