चंडीगढ़ , मई 14 -- शिरोमणि अकाली दल और स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर शहर से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए।

प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई चरणजीत सिंह विल्ली ने की। इस दौरान उन्होंने प्रशासक को ज्ञापन सौंपकर चंडीगढ़ के धार्मिक स्थलों, निवासियों और पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिलाया। बैठक में गुरुद्वारों और मंदिरों को प्रशासन की ओर से भेजे गए उल्लंघन नोटिसों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। अकाली दल ने मांग की कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ के सभी धार्मिक स्थलों को एकमुश्त राहत देते हुए नियमित किया जाए।

श्री विल्ली ने चंडीगढ़ नगर निगम में नामित नौ पार्षदों में सिख समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग भी रखी। उन्होंने कम से कम दो सीटें सिख समुदाय के लिए आरक्षित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ नागरिकों और विधवाओं को मिलने वाली पेंशन बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा 1000 रुपये मासिक पेंशन राशि बढ़ती महंगाई और दैनिक खर्चों को देखते हुए अपर्याप्त है।

शहर में पेड पार्किंग और पार्किंग स्थलों के खराब प्रबंधन का मामला भी प्रशासक के समक्ष रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पार्किंग स्थलों पर अव्यवस्था और ट्रैफिक जाम से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इस संबंध में तस्वीरें भी सौंपी गईं। इसके अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी की सड़कों पर लगे साइन बोर्डों से पंजाबी भाषा हटाने का मुद्दा भी उठाया गया। वहीं विश्वविद्यालय के नए ऑडिटोरियम का नाम बाबा फतेह सिंह और बाबा जोरावर सिंह के नाम पर रखने की मांग की गई।

राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित विभागों को उचित निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया।

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