शिमला , फरवरी 23 -- हिमाचल प्रदेश में शिमला पुलिस ने कथित तौर पर पढ़े-लिखे युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है।
पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक गर्व सिंह ने कहा कि गिरोह के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने शिमला के एक रहने वाले शख्स से उसकी बहनको कनाडा भेजने के बहाने 25 लाख रुपये ठगे थे।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साज़िश और धमकी का मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने कनाडा के लिए वीज़ा का इंतज़ाम करने और उसकी बहन भावना के प्रवास में मदद करने का भरोसा देकर धोखाधड़ी से लगभग 25 लाख रुपये वसूले थे। पैसे लेने के बाद, आरोपी ने न तो वीज़ा प्रक्रिया में मदद की और न ही पैसे वापस किये। पुलिस ने प्राथमिकीदर्ज होने के बाद पूरी जांच शुरू की और आरोपियों का पता लगाने के लिए पंजाब और हरियाणा में टीमें भेजी गयीं।
उन्होंने कहा कि संदिग्ध ठिकानों पर कई छापे मारे गये। आरोपी जानबूझकर बार-बार मोबाइल सिम कार्ड बदलकर और पकड़े जाने से बचने के लिए व्हाटसअप कॉल का इस्तेमाल करके गिरफ्तारी से बच रहे थे।
उन्होंने कहा कि लगातार टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के बाद एक विशेष टीम बनायी गयी एवं खास सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने 22 फरवरी को चंडीगढ़ के खरड़ में शिवालिक सिटी के एक फ्लैट पर छापा मारा और मुख्य आरोपी को पकड़ लिया, जिसकी पहचान मंजू कुमारी के तौर पर हुई।
पुलिस ने कहा कि गिरोह के दूसरे सदस्यों की पहचान करने और यह पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है कि क्या और पीड़ितों के साथ भी इसी तरह धोखा हुआ है। पुलिस ने लोगों से फिर से अपील की है कि इमिग्रेशन एजेंटों की सत्यता की जांच करने के बाद ही उनसे किसी काम के बारे में बातचीत करें।
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