रुद्रपुर , सितंबर 21 -- हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुई चोरी के मामले की जांच की आंच उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर तक पहुंच गई है। शिमला पुलिस और ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चोरी की संपत्ति अपने कब्जे में रखने के आरोप में चार आबकारी कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।

मामला शिमला के थाना सदर में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। आज ऊधमसिंह नगर पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में विगत आठ सितंबर को चोरी से संबंधित दर्ज मामले में एक घर से नकदी, सोने एवं हीरे के आभूषण, घड़ियां और अन्य कीमती सामान चोरी होने का आरोप है। शिमला पुलिस की जांच में एक नेपाली महिला समेत कुछ अन्य संदिग्धों की जानकारी पुलिस को मिली।

शिमला पुलिस ने उत्तराखंड की ऊधमसिंह नगर पुलिस से संपर्क साधा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के निर्देश पर जांच शुरू की गई। कोतवाली रुद्रपुर और पंतनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाया।

जांच में सामने आया कि शिमला से चोरी के बाद संदिग्ध नेपाली व्यक्ति दिल्ली पहुंचे और वहां से सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार में सवार होकर रुद्रपुर के रास्ते नेपाल की ओर बढ़े।

इसी दौरान आठ सितंबर की सुबह करीब 11 बजे कार को रुद्रपुर-रामपुर सीमा स्थित आबकारी चेकपोस्ट पर जांच के लिए रोका गया था। पुलिस के मुताबिक, वाहन और सामान की जांच के दौरान चोरी की संपत्ति बरामद हुई थी। आरोप है कि चेकिंग के दौरान बरामद चोरी की संपत्ति को आबकारी कर्मियों ने अपने पास रख ली।

जांच में चार आबकारी कर्मियों की भूमिका संदिग्ध नजर आयी और पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में बलजीत सिंह (35) निवासी ग्राम लालपुर, किच्छा, ऊधमसिंह नगर, नीम निवासी वार्ड नंबर-04, मसूरनगर, केलाखेड़ा, ऊधमसिंह नगर, पप्पू लाल (58) लखनऊ कालोनी, गदरपुर, ऊधमसिंह नगर और देवेंद्र कुमार (56) निवासी मालधन चौड़-2, रामनगर, नैनीताल शामिल है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित