जयपुर , मई 31 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर का जीवन यह संदेश देता है कि शिक्षित, आत्मनिर्भर एवं सशक्त मातृ शक्ति ही देश और समाज की प्रगति का आधार है और उनके आदर्श वर्तमान में विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान की नींव है।
श्री शर्मा रविवार को यहां बिड़ला ऑडिटोरियम में अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती पर प्रदेश स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने सेवा और न्याय को शासन का आधार बनाया। समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के साथ ही देशभर में धार्मिक स्थलों के उत्थान के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को नयी ऊर्जा प्रदान की।
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अनेक तीर्थस्थलों के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ ही तीर्थराज पुष्कर में भी सरोवर के घाटों का निर्माण करवाया। धर्म और आस्था के साथ ही देवी होल्कर प्रशासनिक कुशलता तथा सैन्य नेतृत्व के लिए भी जानी जाती थीं। सेना में उन्होंने महिला सैन्य टुकड़ी का गठन कर अपनी दूरदृष्टि का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुत्रियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करना ही लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों का वास्तविक अनुसरण है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही हमारी सरकार ने बजट में घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू समाज के बच्चों के लिए स्कूल ऑन व्हील्स की घोषणा की है। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि समाज के छात्र-छात्राओं के लिए जयपुर में छात्रावास निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के कार्यों के अनुरूप ही आज देश में श्री मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ धाम का पुनर्विकास, महाकाल लोक का निर्माण तथा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि आज देश विकास और विरासत, आधुनिकता और आस्था को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
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