बैतूल , सितंबर 24 -- मध्यप्रदेश के बैतूल में शिक्षा का रिश्ता केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं होता। शिक्षक की संवेदनशील पहल किसी जरूरतमंद बच्चे के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी भी ला सकती है। जिले के शाहपुर विकासखंड की ईपीईएस शाला खोखरा रैय्यत में पदस्थ शिक्षिका ज्योति यादव ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार की गंभीर रूप से बीमार छात्रा के उपचार में मदद कर इसी मानवीय पहल की मिसाल पेश की है।

विद्यालय की कक्षा चौथी में अध्ययनरत छात्रा लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्या से परेशान थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और मजदूरी से गुजर-बसर होने के कारण उसके उपचार में लगातार अड़चन आ रही थी। बच्ची की स्थिति की जानकारी शिक्षिका ज्योति यादव को मिली तो उन्होंने परिवार से संपर्क किया और उपचार कराने के लिए उनका हौसला बढ़ाया।

शिक्षिका ने परिजनों को उपचार की प्रक्रिया और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी तथा इलाज की प्रक्रिया में उनके साथ बनी रहीं। इस दौरान गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पवन यादव ने भी सहयोग किया। परिवार के पास आयुष्मान कार्ड नहीं होने से उपचार शुरू कराने में परेशानी थी। पवन यादव की सक्रियता से आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराई गई।

इसके बाद छात्रा को पाढर अस्पताल ले जाया गया, जहां आयुष्मान भारत योजना के तहत उसका नि:शुल्क सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद छात्रा को लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्या से राहत मिली। बच्ची के स्वस्थ होने पर परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने शिक्षिका ज्योति यादव, सीएचओ पवन यादव और उपचार में सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया। शिक्षका यादव इससे पहले शाहपुर के काजली में 17 वर्षों तक पदस्थ रहीं। इस दौरान उन्होंने बच्चों की शिक्षा के साथ उनके शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया। उनके प्रयासों से कई विद्यार्थियों का चयन मॉडल स्कूल और विशिष्ट विद्यालयों में हुआ। इसी वर्ष जुलाई में खोखरा रैय्यत में पदस्थ होने के बाद भी उन्होंने सेवा और संवेदनशीलता का यह सिलसिला जारी रखा। छात्रा के उपचार में उनकी पहल ने शिक्षक की भूमिका को कक्षा की चारदीवारी से बाहर एक मानवीय जिम्मेदारी तक पहुंचा दिया।

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