पटना , अक्टूबर 25 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रविवार को कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और वास्तविक बदलाव लाने के लिए जमीनी अनुभव, शोध और नवाचार का समन्वय जरूरी है।

श्री तिवारी ने कहा कि शिक्षा संकल्प यात्रा राज्य में ज्ञान के नए सूर्योदय की दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों को समझकर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने से ही शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाया जा सकता है।

शिक्षा मंत्री आज पटना के आयोजित 'शिक्षा संकल्प सम्मेलन सह सम्मान समारोह' को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने राज्य के सभी 38 जिलों में 201 दिनों तक चली शिक्षा संकल्प यात्रा के समापन पर आयोजित इस समारोह में इस यात्रा के अनुभवों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की।

श्री तिवारी ने इस अवसर पर 'बिहार शिक्षा यात्रा : शून्य से शीर्ष की ओर' विषय पर आयोजित परिचर्चा में यात्रा के नायक निमेष शुक्ला के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री शुक्ला ने यात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं की प्रतिभा, उनकी शैक्षणिक जरूरतों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को करीब से समझने का प्रयास किया। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए जमीनी अनुभवों को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था की कमियों को चिह्नित करना और उनके समाधान के लिए पहल करना स्वागतयोग्य है। ऐसे प्रयासों से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलती है, बल्कि विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप नीतियां और कार्यक्रम तैयार करने का रास्ता भी खुलता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने और प्रत्येक बच्चे को सीखने के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जरूरी है कि स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था के जमीनी स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को समझा जाए और उनके व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएं।

श्री तिवारी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि बिहार का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर विकसित बिहार के निर्माण में योगदान दे। शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए समाज, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित पक्षों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

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