पटना, जून 22 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को कर्तव्य के प्रति लापरवाही और वित्तीय अनियमितता के आरोप में छह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, जिनमे से एक को निलंबित कर दिया गया है।
शिक्षा मंत्री श्री तिवारी ने आज बताया कि बांका के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पवन कुमार पर कार्य के प्रति लापरवाही का आरोप है। फिलहाल कुमार अभी पूर्वी चंपारण में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
इसी तरह भोजपुर के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा व सर्व शिक्षा अभियान) मो. इरशाद अंसारी पर वित्तीय अनियमितता के आरोप में कार्रवाई की गई है। उनको सेवा से बर्खास्त करने की भी अनुशंसा की गई है।
श्री तिवारी ने कहा कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन सचिव राजेश कुमार पर कर्तव्य के प्रति लापरवाही का आरोप है और शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता के आरोप में सुपौल के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी रामाशीष महतो पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बांका के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी और फिलहाल सेवानिवृत्त हो चुके देवेन्द्र कुमार झा पर भी वित्तीय अनियमितता का आरोप है।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आरोपियों की सूची में एक महिला भी हैं। मधुबनी जिले में मधेपुर की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मरजीना खातून को विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र पर प्रतिहस्ताक्षर के लिए अवैध राशि लेने का आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
श्री तिवारी ने कहा कि अधिकारियों में से कुछ की वेतन-पेंशन से कटौती और वेतन वृद्धि पर रोक की भी अनुशंसा की गई है। उन्होंने कहा कि यह आदेश 8 मई 2026 से प्रभावी होगा।
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