चंडीगढ़ , मार्च 30 -- पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर 'नेशनल अचीवमेंट सर्वे' और "शिक्षा क्रांति" के नाम पर पंजाब के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है और कहा कि राज्य ने 2021 के नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पहले ही पहला स्थान हासिल कर लिया था, जिसे उस समय मुख्यमंत्री ने "फर्जी" कहकर खारिज कर दिया था तथा अब मान सरकार 2024 के सर्वे को अपनी शिक्षा क्रांति की उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।
श्री सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी का आधार ही बार-बार बोले जाने वाले झूठ और प्रोपेगेंडा पर टिका है। उन्होंने कटाक्ष किया कि जब उनका झूठ पकड़ा जाता है, तो वे उसे सौ बार दोहराते हैं ताकि वह सच लगने लगे। उन्होने कहा कि सत्ता में चार साल बीत जाने के बाद भी आम आदमी पार्टी के पास दिखाने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है। वे केवल कांग्रेस सरकार के समय की उपलब्धियों का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस सर्वे की विश्वसनीयता पर मान ने पहले सवाल उठाए थे, आज उसी सर्वे के परिणामों को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। 2021 के परिणाम पिछली सरकार के दीर्घकालिक नीतिगत प्रयासों और व्यवस्थित सुधारों का नतीजा थे।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार 16 मार्च 2022 से 14,525 नए शिक्षकों की भर्ती के जो दावे कर रही है, वे झूठे हैं। उन्होंने कहा कि 'आप' सरकार ने मास्टर कैडर या स्कूल लेक्चरर कैडर के लिए एक भी नया विज्ञापन जारी नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14,525 भर्तियों में से अधिकांश पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई प्रक्रिया का हिस्सा थीं।
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