चंडीगढ़ , मई 07 -- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार देना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले गुरुकुलों में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते थे और अब स्कूलों को भी उसी दिशा में कार्य करना चाहिए।

श्री अनिल विज अंबाला छावनी में आयोजित ''स्कूल एक्सीलैंस अवार्ड'' कार्यक्रम में शिक्षण संस्थानों के संचालकों और लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अध्यापक बच्चों के भविष्य के असली शिल्पकार होते हैं, जो उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।

उन्होंने कहा कि बदलते दौर में नई तकनीकों को अपनाना समय की जरूरत है। अब ''एआई'' का युग आ चुका है और बच्चों को नई तकनीकों में पारंगत करना स्कूलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तकनीक से भागने के बजाय उसके साथ चलना चाहिए ताकि समाज को इसका लाभ मिल सके।

विज ने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलना चाहिए ताकि वे स्वयं स्कूल आने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने पारंपरिक रटने वाली शिक्षा पद्धति के बजाय संवाद, प्रश्नोत्तर और खेल आधारित शिक्षा पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि स्कूलों को केवल अंक देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बच्चों में संस्कार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए। विज ने कहा कि देश को अच्छे नेताओं की जरूरत है और स्कूलों को ''कल के नेता'' तैयार करने की दिशा में भी काम करना चाहिए।

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