, April 16 -- चंडीगढ़, 16 अप्रैल (वार्ता हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने गुरुवार को कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के तहत राज्य के सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रथम कक्षा और उससे ऊपर की कक्षाओं में वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है।

श्री ढांडा ने बताया कि 9,230 निजी विद्यालयों में से 8,621 विद्यालयों ने समय पर सीटों की जानकारी अद्यतन की, जबकि 609 स्कूल नियमों का पालन नहीं कर सके। इसके अलावा 891 स्कूलों ने आवश्यक मान्यता दस्तावेज अपलोड नहीं किए, जिसके चलते उनकी प्रविष्टियां अस्वीकृत कर दी गईं। इस लापरवाही के कारण लगभग 1,500 विद्यालयों के लिए एमआईएस पोर्टल की पहुंच अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होने की बात उठाई, जिस पर सरकार ने बच्चों और अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है। अब बंद किए गए स्कूलों के एमआईएस पोर्टल दोबारा खोल दिए गए हैं, ताकि उन्हें एक और अवसर मिल सके।

उन्होंने बताया कि विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और आरक्षित सीटों का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य वंचित वर्ग के बच्चों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है और सभी स्कूलों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

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