बिलासपुर , अक्टूबर 12 -- छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती परीक्षा पर उच्च न्यायालय की रोक और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग-2025 (सीजीपीएससी-2025) की परीक्षा को लेकर उत्पन्न अनिश्चितता के विरोध में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने रविवार रात बिलासपुर के गांधी चौक पर मोमबत्ती मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।
सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर भर्ती प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब और गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए परीक्षाओं की नई तिथियां शीघ्र घोषित करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल युवक-युवतियों ने कहा कि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बावजूद भर्ती प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से भर्ती संबंधी नियमों और आरक्षण व्यवस्था का पहले परीक्षण नहीं किए जाने के कारण बार-बार कानूनी विवाद उत्पन्न हो रहे हैं, जिसका खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
कल देर रात गांधी चौक पर एकत्रित अभ्यर्थियों ने मोमबत्तियां जलाकर विरोध दर्ज कराया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पालन अनिवार्य है, तो परीक्षा की प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित प्रावधानों की जांच क्यों नहीं की गई।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी से बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान सरकार के तीन साल के कार्यकाल में एक भी भर्ती पूरी नहीं हो पाई है। प्रतियोगियों का कहना था कि लंबे समय से तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा में दिव्यांग अभ्यर्थियों, विशेष रूप से पूर्ण दृष्टिबाधित वर्ग को आरक्षण का समुचित लाभ तथा आवेदन का अवसर नहीं दिए जाने का मामला उच्च न्यायालय पहुंचा है। इस विवाद में न्यायालय के आदेश के बाद परीक्षा पर रोक लगने से अभ्यर्थियों के सामने नई अनिश्चितता उत्पन्न हो गई है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दिव्यांग आरक्षण से संबंधित विवाद का शीघ्र निराकरण कर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए। उनका कहना है कि भर्ती संबंधी नियमों का समय रहते परीक्षण किया जाता, तो अभ्यर्थियों को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
इस दौरान सीजीपीएससी-2025 के अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने परीक्षा आयोजन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और निर्धारित समय पर परीक्षाएं आयोजित करने की मांग की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षाओं की तिथियों और चयन प्रक्रिया को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता से युवाओं पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
प्रतियोगियों ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी में कई अभ्यर्थी अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष लगा देते हैं। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं का स्थगित होना और चयन प्रक्रिया में देरी उनके भविष्य की योजनाओं को प्रभावित करती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित