पोकरण (जैसलमेर) , मई 09 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शिक्षकों का आह्वान किया है कि वे ऐसे नागरिकों का निर्माण करें जो विकसित राष्ट्र की चुनौतियों को संभालने में सक्षम हों।

श्री शेखावत शनिवार को जैसलमेर जिले में पोकरण क्षेत्र के लवा स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा कक्ष के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने इस विद्यालय को ग्रामीण प्रतिभाओं के उत्कर्ष का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प का जिक्र किया और कहा कि आज के ये विद्यार्थी ही 2047 के समर्थ भारत का नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह विद्यालय उन सभी के लिए प्रेरणा है, जो मानते हैं कि सफलता के लिए केवल महंगे संसाधनों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि लवा स्कूल ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि शिक्षकों का समर्पण और ग्रामीणों का संकल्प एक हो जाए तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। पिछले 12 वर्षों में इस गांव के बुजुर्गों ने कभी निजी लाभ या बुनियादी ढांचों के बजाय हमेशा स्कूल की बेहतरी और बच्चों के भविष्य के लिए प्रतिवेदन दिया।

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज यहां से साधारण पृष्ठभूमि के बच्चे निकलकर चिकित्सा और अन्य उच्च पेशों में सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं। विद्यालय से पढ़कर विभिन्न क्षेत्रों में सफल हुए पूर्व छात्रों का अभिनंदन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने उनसे विशेष आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार देने वाली अपनी पाठशाला के प्रति ऋण चुकाने का सबसे अच्छा तरीका 'मार्गदर्शन' है। उन्होंने सफल छात्र-छात्राओं से कहा कि जब भी आप अपनी मातृभूमि लौटें, यहां के बच्चों के बीच एक घंटा बिताएं। आपका अनुभव और मोटिवेशन आने वाली पीढ़ी के लिए सफलता का मंत्र बनेगा।

विद्यालय की मांगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए श्री शेखावत ने विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने स्कूल में एक अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी और आरओ प्लांट स्थापित करने का आश्वासन दिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित