महोबा , अक्टूबर 26 -- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को निराश्रित पशुओं ओर आवारा कुत्तों से संबंधित सूचनाएं सरकारी पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश से सवाल खडे हो चले हैं। इस नई व्यवस्था से शिक्षकों पर कार्य का अतिरिक्त भार बढ़ने और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव पड़ने को लेकर चिंता व्यक्त क़ी जा रही हैं। महोबा मे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से जिले के माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को एक पत्र जारी कर निराश्रित पशुओं ओर आवारा कुत्तों से सम्बन्धित आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके तहत विद्यालयों को संबंधित आंकड़ों का संकलन कर निर्धारित पोर्टल पर दर्ज करना होगा। पत्र मे कहा गया है कि निराश्रित पशुओं के प्रबंधन से संबंधित मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। जिसके तहत न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के लिए शासन स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और वांछित आंकड़ों का संकलन करके उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमचंद्र ने बताया कि उच्च न्यायालय मे दायर एक याचिका में निराश्रित पशुओ को लेकर प्रस्तुत आंकड़ों और सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं के बीच अंतर होने की बात सामने आई है। ऐसे में आंकड़ों का सत्यापन कर सही और प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को संबंधित सूचनाएं एकत्र कर पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए कहा गया है। उच्च स्तर से जारी दिशा निर्देशों मे इसके लिए शासन द्वारा विकसित 'संरक्षण' पोर्टल का उपयोग किया जाना है।निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर निगरानी और सूचनाओं के सत्यापन की व्यवस्था भी की जा रही है।

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