पटना , जुलाई 21 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य में शिक्षकों के लिए कोई निर्धारित वर्दी या ड्रेस कोड नहीं है, लेकिन सभी शिक्षको को विद्यालयों में केवल गरिमापूर्ण एवं शालीन पहनावे में ही उपस्थित होना चाहिए।अल्पसूचित प्रश्न काल मे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक भाई वीरेंद्र की ओर से सवाल पूछते हुए विधायक आलोक मेहता ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के ड्रेस कोड का मुद्दा उठाया। श्री मेहता ने शिक्षा विभाग की ड्रेस कोड संबंधी गाइडलाइन के क्रियान्वयन पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के उत्तर के दौरान हस्तक्षेप करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों के ड्रेस कोड में स्पष्ट अंतर है।उन्होंने सदन को बताया कि छात्रों के लिए निर्धारित वर्दी पहनकर विद्यालय आना अनिवार्य है, लेकिन शिक्षकों के लिए किसी विशेष रंग, डिजाइन या प्रकार की वर्दी पहनने का कोई नियम नहीं है। शिक्षक अपनी पसंद के वस्त्र पहन सकते हैं, बशर्ते उनका पहनावा गरिमापूर्ण, शालीन तथा शिक्षक के पद की प्रतिष्ठा के अनुरूप हो। सरकार ने शिक्षकों के लिए कोई विशेष वर्दी, रंग या ड्रेस पैटर्न निर्धारित नहीं किया है।

श्री चौधरी ने कहा कि शिक्षकों से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने पद की गरिमा के अनुरूप उपयुक्त परिधान धारण करें, लेकिन उनके लिए किसी निर्धारित वर्दी को पहनना अनिवार्य नहीं है।

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