कोलकाता , जुलाई 19 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की।
इस बैठक में श्री शाह ने कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ-रोधी उपायों को मजबूत करने के लिए कई निर्देश जारी किए। लगभग 90 मिनट चली इस बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हुए। श्री शाह ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ( जिसमें राजनीतिक और सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं शामिल हैं) की समीक्षा की और माओवादी और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने अधिकारियों को राज्य और कोलकाता पुलिस दोनों की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को और मजबूत करने का निर्देश दिया और पुलिस सेवा से जुड़े 1,930 कार्यों को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ से निपटने के लिए एक खास मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने को भी कहा।
श्री शाह ने घुसपैठ के प्रति केंद्र की "शून्य सहिष्णुता " की नीति पर जोर दिया और अधिकारियों से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और राज्य पुलिस के बीच तालमेल बेहतर करने को कहा। उन्होंने बंगलादेश की सीमा के साथ 50 किलोमीटर के दायरे में बीएसएफ के ऑपरेशनल कंट्रोल को बढ़ाने की भी वकालत की।
बैठक में बीएसएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए और उन्हें सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा के मामलों में राज्य पुलिस के साथ तालमेल बढ़ाने का निर्देश दिया गया। बैठक में ड्रग्स और मानव तस्करी को रोकने के प्रयासों की भी समीक्षा की गयी, जिसमें राज्य और कोलकाता पुलिस ने हाल के मामलों के बारे में विस्तृत आंकड़े पेश किए।
श्री शाह ने बंगलादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम की प्रगति के बारे में जानकारी ली और सीमावर्ती इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर चर्चा की। केंद्रीय गृह मंत्री ने कुछ खास मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच पर फिर से चर्चा करने की भी बात कही।
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