नयी दिल्ली , मार्च 30 -- गृहमंत्री अमित शाह ने देश में नक्सलवादी हिंसा को समाप्त करने के अभियान की सफलता की ऐतिहासिक घोषणा करते हुए सोमवार को कहा कि विभिन्न राज्यों में वामपंथी उग्रवाद के सफाये के बाद इसके प्रभाव में बचे एक मात्र क्षेत्र छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके को भी इसकी काली छाया से मुक्त करा लिया गया है।
श्री शाह ने 'नक्सलमुक्त भारत' को मोदी सरकार की सबसे बड़ी ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सफलता बताते हुए इसका पूरा श्रेय केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, विशेषकर कोबरा और सीआरपीएफ के जवानों, राज्य पुलिस, छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी के जवानों और स्थानीय आदिवासियों दिया। गृहमंत्री लोक सभा में नियम 193 के अंतर्गत वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त कराने के प्रयास पर चर्चा का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ' यह मोदी सरकार है। जो हथियार उठायेगा उसको हिसाब देना पड़ेगा।'गृहमंत्री ने देश में वाममंथी उग्रवाद के उभरने और उसके विस्तार का विवेचन करते हुए इन उग्रवादियों को मिले राजनीतिक एवं सैद्धांतिक समर्थन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सत्ता के समर्थन के बिना देश के बीचो-बीच, तिरुपति से लेकर पशुपतिनाथ तक, रेड कॉरिडोर संभव ही नहीं था।
श्री शाह ने नक्सली हिंसा को लाल आतंक बताते हुए कहा कि इस तरह के आतंकवाद को विकास के अभाव का नतीजा बताया जाता रहा है पर हकीकत इसके उलट है, कई इलाके इस लिए विकास से वंचित हो गये क्यों की वहां नक्सलवाद की काली परछाई पड़ गयी थी। श्री शाह ने यह भी कहा कि नक्सलियों ने गांवों में स्कूल, दवाखाने और बैंक जला दिए, फिर लोगों को बरगला कर बोलते थे विकास नहीं पहुंचा।
गृहमंत्री ने कहा, ' इसकी परछाई थी इसलिए बस्तर विकास से पिछड़ गया था, लाल आतंक की परछाई हट गई, अब बस्तर विकसित हो रहा है।"उन्होंने बिहार के बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में 2022 में ऑपरेशन ऑक्टोपस की सफलता, उसी साल फरवरी में ऑपरेशन डबल बुल की सफलता से गुमला, लोहरदगा और लातेहार जिलों नक्सलवाद के सफाये तथा एक से तीन सितंबर 2022 ऑपरेशन थंडरस्टॉर्म के तहत झारखंड के सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी जिले को हिंसा से मिली मुक्ति का उल्लेख किया।
उन्होंने मुंगेर , गया और औरंगाबाद में अभियानों की सफलता , ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के तहत तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा में 50 किलोमीटर लंबी और 37 किलोमीटर चौड़ी एक पहाड़ी को वामपंथी उग्रवादियों से मुक्त कराने की बड़ी सफलता तथा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में माओवादी आंदोलन के सफाये का जिक्र किया।
श्री शाह ने कहा कि कोबरा, सीआरपीएफ, डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने अमानवीय धैर्य के साथ इनके किले को तोड़ा है।
गृहमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि 12 राज्यों में लाल गलियारा बनना और नक्सलवादियों का फैलाव कहीं न कहीं शक्ति का दुरुपयोग हुआ है। उनका यह भी कहना था कि आखिर नक्सलवादियों के पास हथियार थानों को लूटने और सुरक्षा बलों एवं पुलिस बलों से लूटने से आधुनिक हथियार आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जड़ों पर वार करने वाले इस उग्रवादी तंत्र का सफाया मोदी सरकार ने किया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित