शाहजहांपुर , जुलाई 31 -- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बिना चिकित्सक की उपस्थिति के मशीन संचालन और भ्रूण लिंग जांच संबंधी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बायोमेट्रिक आधारित नई तकनीक लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब अल्ट्रासाउंड मशीनें केवल संबंधित पंजीकृत चिकित्सक के फिंगरप्रिंट सत्यापन के बाद ही संचालित हो सकेंगी।

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जिले में प्राप्त शिकायतों के मद्देनजर यह व्यवस्था लागू की जा रही है। नई प्रणाली के तहत चिकित्सक की अनुपस्थिति में अल्ट्रासाउंड मशीन किसी भी स्थिति में संचालित नहीं हो सकेगी, जिससे अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा अल्ट्रासाउंड किए जाने पर प्रभावी रोक लगेगी।

उन्होंने कहा कि नई तकनीक से मशीन के संचालन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। प्रत्येक अल्ट्रासाउंड का विवरण उपलब्ध होने से किसी भी शिकायत का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। साथ ही भ्रूण लिंग जांच जैसे अवैध एवं दंडनीय कृत्यों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिलेगी। यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और नियमानुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि नई प्रणाली लागू होने के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी तथा निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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