शाहजहांपुर , मई 12 -- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को बिना भागदौड़ त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने एक नई पहल शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत डायल-112 की पीआरवी अब मौके पर ही पीड़ित से प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित थाने को भेज रही है। श्री दीक्षित ने मंगलवार को बताया कि शाहजहांपुर में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने महसूस किया कि दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी शिकायत लेकर पुलिस मुख्यालय पहुंचते हैं, जिससे उनका समय और धन दोनों व्यर्थ होता है। अधिकतर मामलों में यह भी देखा गया कि घटना के काफी समय बाद शिकायत दर्ज कराई जाती थी और कई बार घटनाक्रम को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जाता था। इसी समस्या को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होने बताया कि इस पहल के तहत पिछले 24 घंटे में पीआरवी को मौके पर ही 66 लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से आधे से अधिक मामलों का निस्तारण कर पीड़ितों को राहत दिलाई जा चुकी है। शेष मामलों में पुलिस कार्रवाई कर रही है तथा कुछ प्रकरणों की जांच संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब पीआरवी कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित से वहीं प्रार्थना पत्र प्राप्त करें और उसे तत्काल संबंधित थाने को भेजें। इसके बाद थाना प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि वह बिना विलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
एसपी ने कहा कि पहले पीआरवी केवल मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को थाने जाने की सलाह देती थी, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत अब पीड़ितों को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पुलिस स्वयं उनसे संपर्क करेगी।
उन्होंने बताया कि पीआरवी को घटनास्थल से तत्काल साक्ष्य संकलित कर संबंधित थाने को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि घटनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और जांच अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। यह पहल रविवार रात से लागू की गई है और इसकी नियमित समीक्षा स्वयं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि जिले में पीआरवी ड्यूटी के लिए लगभग 400 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिनके पास 62 चारपहिया वाहन उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त दोपहिया वाहन भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रतिदिन औसतन 300 शिकायतें पीआरवी को प्राप्त होती हैं, जिनमें से गंभीर मामलों को संबंधित थानों को भेजा जाता रहा है।
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