धार , फरवरी 24 -- मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम निम्बोल में शासकीय चरनोई भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है।
पुलिस चौकी निसरपुर में आरोपी विनोद पाटीदार, उसकी पत्नी रंजना पाटीदार और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव व सरपंच के विरुद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता मोतीलाल पाटीदार द्वारा प्रस्तुत आवेदन और उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेश के बाद हुई जांच में इस घोटाले का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि ग्राम निम्बोल स्थित एक रकबा राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय चरनोई भूमि के रूप में दर्ज है, उस पर आरोपियों ने अवैध निर्माण कर लिया। नायब तहसीलदार कुक्षी की जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोपी विनोद और रंजना ने तत्कालीन सरपंच स्व. केशरबाई पटेल और तत्कालीन सचिव साधुराम फुलमाली के साथ मिलीभगत की। पुलिस के अनुसार बिना किसी कानूनी आधार के ग्राम पंचायत से प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया था, इस फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर आरोपियों ने 1000 वर्गफीट भूमि की एक 'सह-स्वामित्व' की रजिस्ट्री नंबर निष्पादित करवा ली।रजिस्ट्री के दस्तावेजों में संपत्ति को पैतृक बताया गया, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि कभी भी उनके परिवार के नाम पर नहीं रही। राजस्व विभाग और पटवारी की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पंचायत को केवल आबादी भूमि के संबंध में प्रस्ताव पारित करने का अधिकार है, न कि चरनोई भूमि का। आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत शासकीय भूमि को खुर्द-बुर्द करने के उद्देश्य से ये फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।
चौकी निसरपुर द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के विरुद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
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