कोण्डागांव , नवंबर 07 -- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शामपुर के कन्या एवं बालक छात्रावासों में व्यापक अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए प्राचार्य चन्द्रकिरण तिवारी तथा दोनों छात्रावास अधीक्षकों को उनके दायित्वों से हटा दिया है।

जांच के दौरान संदिग्ध सामग्री होने की आशंका पर चार कक्षों को सील किया गया है। शासन ने विद्यालय में नए प्राचार्य की नियुक्ति भी कर दी है।

आज मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विद्यालय के विद्यार्थियों और अभिभावकों से मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नूपुर राशि पन्ना ने जिला स्तरीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 03 नवम्बर 2026 को विकासखंड कोण्डागांव स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शामपुर के कन्या एवं बालक छात्रावासों का निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, भवनों के रखरखाव और छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में अनेक खामियां पाई गईं।

जांच समिति को कन्या छात्रावास में रखे अनाज और राशन सामग्री में कीड़े मिले। कुछ खाद्य सामग्रियों की उपयोग अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। छात्रावास के दो बंद कमरों को खुलवाने पर खराब चावल और मिर्च पाउडर के पैकेट बरामद हुए। रसोईघर में जगह-जगह चूहों के बिल मिले, जबकि भोजन कक्ष में चूहों की गंदगी और अत्यधिक दुर्गंध पाई गयी।

निरीक्षण में छात्रावास की पानी की टंकियों के ढक्कन गायब मिले और टंकियां अत्यधिक गंदी पाई गईं। शौचालयों तथा स्नानागारों में भी सफाई का अभाव था। कई दरवाजे टूटे हुए थे और कुछ नल खराब होने के कारण लगातार पानी बह रहा था। परिसर में स्थापित सेनेटरी पैड बर्नर मशीन भी खराब मिली। निरीक्षण के समय छात्रावास में मरम्मत कार्य जारी था।

जांच में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति को लेकर भी सवाल सामने आए। समिति के अनुसार,गत 31 अक्टूबर को आयोजित पालक-बालक बैठक के दौरान कन्या छात्रावास के सभी शौचालयों के मुख्य द्वार की ओर केंद्रित सीसीटीवी कैमरा लगा पाया गया था, लेकिन 03 नवम्बर 2026 को निरीक्षण के दौरान उसका स्थान बदला हुआ मिला।

कन्या छात्रावास के स्टाफ क्वार्टर में छात्रावास अधीक्षक नीशु पंघाल और लेखापाल निकिता अवकाश पर होने के कारण अनुपस्थित थीं। उनके कमरों में संदिग्ध सामग्री होने की आशंका के मद्देनजर नायब तहसीलदार कोण्डागांव और जांच समिति की उपस्थिति में दोनों कमरों को सील कर दिया गया।

इसी तरह बालक छात्रावास के निरीक्षण में भी राशन और अनाज में कीड़े पाए गए। छात्रावास के एक कमरे में पानी का रिसाव हो रहा था, जबकि दो अन्य कमरों की दीवारों पर अत्यधिक सीलन के कारण काई जम गई थी। एक कमरे में बाल काटने के बाद कटे हुए बाल वहीं पड़े मिले। रसोईघर में चूहों के बिल और चूहों की मौजूदगी भी पाई गयी।

समिति को बालक छात्रावास के हील रूम में बच्चों के लिए रखी कुछ ऐसी दवाइयां मिलीं, जिनकी उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी। विद्यार्थियों के शयन कक्षों की खिड़कियों के कांच टूटे हुए थे। प्रथम तल के एक कमरे में चार कंप्यूटर लगे मिले, जो पूरी तरह इंस्टॉल नहीं किए गए थे। पुस्तकालय कक्ष को लाइब्रेरियन ने पहले से सील कर रखा था।

बालक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान एक अन्य स्थिति भी जांच समिति के संज्ञान में आई। परिसर में बंद गार्ड रूम को खुलवाने पर विद्यालय की प्राचार्या अंदर मौजूद मिलीं। जांच प्रतिवेदन में उनकी उपस्थिति को संदिग्ध और असहज बताते हुए सीसीटीवी कैमरों के साथ संभावित छेड़छाड़ में उनकी संलिप्तता की आशंका व्यक्त की गयी है। हालांकि, प्रतिवेदन में इसे आशंका के रूप में दर्ज किया गया है, न कि प्रमाणित निष्कर्ष के तौर पर।

निरीक्षण के समय उप प्राचार्य और छात्रावास अधीक्षक विद्यालय में अवकाश होने के कारण अनुपस्थित थे। उप प्राचार्य कक्ष और अधीक्षक कार्यालय में भी संदिग्ध सामग्री होने की संभावना को देखते हुए नायब तहसीलदार कोण्डागांव तथा जांच समिति की मौजूदगी में दोनों कक्ष सील किए गए। इस प्रकार कन्या एवं बालक छात्रावास परिसर में कुल चार कक्ष सील किए गए हैं।

जांच प्रतिवेदन और विद्यालय में सामने आई अव्यवस्थाओं के आधार पर प्राचार्य चन्द्रकिरण तिवारी को संस्था के समस्त प्रभार से पृथक कर दिया गया है। इसके साथ ही कन्या एवं बालक छात्रावास के अधीक्षकों को भी संस्था के सभी कार्यों से हटाते हुए विद्यालय से पृथक कर दिया गया है। शासन ने विद्यालय के संचालन के लिए नए प्राचार्य की नियुक्ति कर दी है।

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