बड़वानी , जुलाई 8 -- मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में पहले से शादीशुदा होने की जानकारी मिलने पर मायके लौट आई एक आदिवासी विवाहिता के कथित अपहरण के मामले में पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया कि युवती की शिकायत पर पलसूद थाना क्षेत्र के निहाली निवासी हुकुम ग्यारसीलाल रावत तथा अन्य लोगों के विरुद्ध राजपुर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। मुख्य आरोपी हुकुम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को आरोपी जलगोन गांव स्थित युवती की मौसी के घर पहुंचे और उसे कथित रूप से जबरन बाहर निकालकर सड़क तक ले गए। इसके बाद उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर निहाली गांव ले जाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
राजपुर थाना प्रभारी माधव सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बुधवार को युवती को निहाली स्थित आरोपी के घर से बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। इसके बाद उसके बयान दर्ज किए गए।
पुलिस के अनुसार युवती और हुकुम के बीच प्रेम संबंध थे तथा करीब एक माह पहले दोनों ने घर से भागकर विवाह किया था। बाद में दोनों पक्षों के बीच पंचायत के माध्यम से समझौता कराया गया। आदिवासी परंपरा 'देजा' के तहत लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष को 70 हजार रुपये दिए थे।
पुलिस ने बताया कि बाद में युवती को जानकारी मिली कि हुकुम पहले से शादीशुदा है। इसके बाद पंचायत में हुए समझौते के दौरान लड़की पक्ष को दो लाख रुपये अतिरिक्त दिए गए। युवती ने स्वयं के साथ धोखा होने का आरोप लगाते हुए हुकुम के साथ रहने से इनकार कर दिया और अपने माता-पिता के पास लौट आई। इसके बाद वह जलगोन गांव में अपनी मौसी के घर रहने लगी थी।
पुलिस के अनुसार बाद में हुकुम और उसके परिजनों ने पंचायत में दी गई राशि लौटाने अथवा युवती को वापस भेजने की मांग की। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
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