मुंबई , अक्टूबर 31 -- मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2024 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत को बरी कर दिया है। यह याचिका शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की नेता शाइना एनसी ने दायर की थी।
प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती कुलकर्णी की अध्यक्षता वाली अदालत ने 30 अक्टूबर को श्री सावंत को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ठोस और विश्वसनीय सबूतों के माध्यम से मानहानि के आरोपों को साबित करने में विफल रहा।
यह मामला 2 नवंबर, 2024 को शाइना एनसी द्वारा नागपाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई एक शिकायत से उपजा था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि श्री सावंत ने चुनाव प्रचार के दौरान उनके लिए एक असम्मानजनक शब्द इस्तेमाल किया था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। इस टिप्पणी की शाइना एनसी और विरोधी शिवसेना गुटों के नेताओं ने काफी आलोचना की थी।
शिकायत के आधार पर, पुलिस ने दक्षिण मुंबई से तीन बार के सांसद सावंत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 (महिला की लज्जा का अनादर करने के इरादे से शब्द, इशारा या कार्य) और 356(2) (मानहानि के लिए सजा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
श्री सावंत ने शाइना के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करने से इनकार किया था। उनका कहना था कि उन्होंने न तो किसी महिला का अपमान किया और न ही किसी का नाम लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि हिंदी में दी गई उनकी टिप्पणी आपत्तिजनक नहीं थी और उन्होंने शाइना को अपनी पुरानी दोस्त बताया था।
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