चंडीगढ़ , जुलाई 23 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाये जाने के केंद्र सरकार के कथित फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार का तानाशाही और लोकतंत्र विरोधी कदम बताया।
गुरुवार को जारी बयान में राजा वड़िंग ने सवाल किया कि क्या सरकार छात्रों को वास्तव में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानती है, जबकि वे केवल नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे कथित पेपर लीक मामलों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास कर रही है। वड़िंग ने आरोप लगाया कि ऐसे कठोर कानूनों का इस्तेमाल अंततः सरकार पर ही भारी पड़ेगा और उसे इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि मोदी सरकार के खिलाफ जनता का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में लोग छात्रों के आंदोलन से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती है और सड़कों से लेकर संसद तक उनके साथ खड़ी रहेगी।
राजा वड़िंग ने कहा कि एनएसए लगाने का फैसला केंद्र सरकार की घबराहट और असुरक्षा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब सत्ताधारी सरकारों ने असहमति की आवाज को दबाने के लिए कठोर और दमनकारी उपाय अपनाये हैं, तब-तब उनके पतन की प्रक्रिया तेज हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों के खिलाफ कठोर कानूनों का इस्तेमाल करने के बजाय उनकी मांगों पर संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से विचार करने की अपील की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित