धुरी , मार्च 17 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कहा कि यदि शहीद-ए-आजम भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो आज भारत बहुत अलग दिखता। उन्होंने सवाल उठाया कि दशकों की आजादी के बाद भी देश उसी पुरानी और घिसी-पिटी व्यवस्था में क्यों फंसा हुआ है, जिसे बदलने के लिए भगत सिंह और करतार सिंह सराभा जैसे क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने दावा किया कि यह 'दीवार पर लिखीइबारत' है कि 2027 में आम आदमी पार्टी (आप) फिर से सत्ता में आयेगी, क्योंकि उनकी सरकार ने चार साल के भीतर ही अपनी सभी गारंटियां पूरी करदी हैं।

नवनिर्मित सब-डिवीजनल अस्पताल को जनता को समर्पित करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा," विपक्ष केवल सत्ता की लड़ाई में व्यस्त है, जबकि हमारी सरकार लोगों के अधिकार सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब उन 750 किसानों के बलिदान को नहीं भूला है, जिन्होंने काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में अपनी जान गंवाई थी।"उन्होंने कहा, " पंजाब की जनता 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद फिर से 'आप' की सरकार बनाने के लिए तैयार है। हमने 2022 में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव से शपथ लेकर जन-हितैषी फैसले लेने शुरू किये थे। हमने अपने सभी वादे पूरे कर दिये हैं और अगले एक साल में हम राज्य को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।"मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि अब तक 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं ताकि युवाओं के हाथ में नशे के बजाय काम (टिफिन) हो। 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत सभी 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। पंजाब देश का पहला राज्य है, जहां 881 आम आदमी क्लिनिक मुफ्त सेवायें दे रहे हैं। 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' स्थापित किये गये हैं। पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे में केरल को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है। नब्बे प्रतिशत घरों को जीरो बिजली बिल मिल रहा है। 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिये जा रहे हैं।

शहीदेआजम भगत सिंह का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, " अगर भगत सिंह जीवित होते या आजादी के बाद उन्हें नेतृत्व करने का मौका मिलता, तो देश की दिशा अलग होती। उन्होंने जेल की चिट्ठियों में लिखा था कि उन्हें चिंता इस बात की नहीं कि आजादी मिलेगी या नहीं, बल्कि इस बात की है कि आजादी के बाद शासन किसके हाथ में होगा। दुर्भाग्य से, सत्ता गलत हाथों में चली गयी और हम आज भी उसी पटवारी-तहसील वाली पुरानी व्यवस्था में फंसे हुए हैं। " अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, " मुद्दों की कमी के कारण अब अकाली दल मेरे खिलाफ लोगों को गुमराह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी नकली वीडियो का सहारा ले रहा है। यह उनकी हताशा को दर्शाता है। "उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बादलों ने बारी-बारी से राज्य को लूटा है और अब जनता उन्हें राजनीतिक गुमनामी में भेज देगी।

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