वाराणसी , मई 23 -- बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) एवं वाराणसी नगर निगम ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोगात्मक कार्यों के लिए औपचारिक साझेदारी स्थापित करते हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौते के तहत दोनों संस्थाएं शहरी प्रबंधन, अवसंरचना विकास, सतत पर्यावरण, नागरिक सेवाओं, सौंदर्यीकरण तथा सामाजिक विकास संबंधी पहलों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगी, जिससे नागरिकों एवं शैक्षणिक समुदाय दोनों को लाभ मिलेगा।
समझौते के अंतर्गत वाराणसी नगर निगम विश्वविद्यालय परिसर एवं उसके आसपास विभिन्न नागरिक अवसंरचना एवं सौंदर्यीकरण परियोजनाओं को क्रियान्वित करेगा। इनमें कंदवा क्षेत्र में वर्षा जल निकासी अवसंरचना का विकास, हैदराबाद गेट से डाफी कॉरिडोर का विकास तथा मालवीय द्वार एवं विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास शामिल है।
इसके अलावा, नगर निगम विश्वविद्यालय के सहयोग से उद्यानिकी विकास, शहरी विकास, स्वच्छता तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी कार्यों को भी आगे बढ़ाएगा। विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप इस समझौते का एक प्रमुख आयाम है। वाराणसी नगर निगम प्रति वर्ष कम से कम 50 विद्यार्थियों को संरचित इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराएगा, जिसमें शहरी प्रशासन, अभियांत्रिकी, नियोजन, स्वच्छता तथा सामाजिक पहल जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे विद्यार्थियों को नागरिक प्रशासन एवं शहरी प्रबंधन के व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
समझौते के तहत विश्वविद्यालय परिसर में निराश्रित गोवंश प्रबंधन, आवारा कुत्तों के टीकाकरण एवं नियंत्रण तथा स्वच्छता एवं नागरिक समन्वय तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए भी संयुक्त पहलें की जाएंगी। समझौते पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह तथा वाराणसी नगर निगम की ओर से नगर आयुक्त श्री हिमांशु नागपाल ने हस्ताक्षर किए।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एवं वाराणसी नगर निगम एक नए सहयोगात्मक अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं, जो शहर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जनहित के लिए अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता एवं संसाधनों को सदा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रो. चतुर्वेदी ने इंटर्नशिप कार्यक्रम को स्वागतयोग्य पहल बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उनकी व्यावसायिक उत्कृष्टता में वृद्धि होगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित