बैतूल , अप्रैल 7 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शराब दुकानों के संचालन को लेकर दो बड़े मुद्दे सामने आए हैं। एक ओर कई दुकानों पर एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने की शिकायतें मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2026-27 के लिए 8 शराब दुकानों की नीलामी नहीं हो पाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित कर दिया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले में कुल 61 शराब दुकानें हैं, जिनमें से 8 दुकानें अब तक नीलाम नहीं हो सकी हैं। इनमें बैतूल बाजार की दो दुकानें, बैतूल गंज, आमला बस स्टैंड, भैंसदेही की दो दुकानें, सारणी नंबर-1 और बागडोना क्षेत्र शामिल हैं। इन दुकानों की निर्धारित कीमत अधिक होने के कारण ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई, जिससे शासन को राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि प्रारंभ में दुकानों की नीलामी समूह बनाकर की गई थी, लेकिन समूह निर्धारण में खामियां सामने आईं। कई दुकानों को 30 किलोमीटर तक दूर-दूर के क्षेत्रों के साथ जोड़ दिया गया, जिससे संचालन व्यावहारिक नहीं रहा। बाद में समूह तोड़े गए, जिससे छोटी दुकानें तो नीलाम हो गईं, लेकिन महंगी दुकानें अब भी खाली हैं। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त द्वारा जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन चढ़ार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय भोपाल स्थित संभागीय कार्यालय निर्धारित किया गया है।

इधर जिले में शराब दुकानों पर ओवररेटिंग को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से शाहपुर समूह के अंतर्गत पीसाझोड़ी क्षेत्र की दुकान पर बीयर को एमआरपी से अधिक दर पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार 199 रुपये एमआरपी वाली बीयर 260 रुपये तक बेची जा रही है, जबकि अन्य ब्रांड्स में भी इसी तरह अधिक कीमत वसूली जा रही है।

ग्राहकों का आरोप है कि दुकानदार "पुराना स्टॉक" बताकर अधिक कीमत वसूल रहे हैं, जबकि बोतलों पर हाल ही की पैकिंग तिथि दर्ज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकल्पों की कमी का फायदा उठाकर ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं।

जिला आबकारी विभाग ने एमआरपी से अधिक दर पर बिक्री को पूरी तरह अवैध बताते हुए जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित