चंडीगढ़ , जनवरी 23 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने शुक्रवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले से बरी कर दिया गया है, जो पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और जानबूझकर फैलाया गया झूठ है।
श्री चुघ ने कहा कि जिस मामले में उन्हें राहत मिली है, उसका शराब नीति घोटाले की मूल जांच, भ्रष्टाचार या मनी लॉन्ड्रिंग से कोई संबंध नहीं है। यह केवल प्रवर्तन निदेशालय के समन की अवहेलना से जुड़ा एक तकनीकी शिकायत मामला था, जिसे राजनीतिक हथियार बनाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।श्री चुघ ने कहा कि सच्चाई यह है कि जब शराब नीति घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरविंद केजरीवाल को बार-बार समन भेजे, तो उन्होंने जांच से बचने की कोशिश की और समन का पालन नहीं किया। इसी मजबूरी में जांच एजेंसी को धारा 174 आईपीसी के तहत राउस एवेन्यू कोर्ट में शिकायत दर्ज करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि आज जिस मामले में तकनीकी आधार पर राहत मिली है, उसका शराब घोटाले की साजिश या भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री केजरीवाल आज भी शराब घोटाले के अभियुक्त हैं और उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई की मुख्य जांच पूरी तरह जारी है। उनके खिलाफ पर्याप्त दस्तावेज़ी और डिजिटल सबूत अदालत के रिकॉर्ड पर मौजूद हैं, जिन्हें नकारा नहीं जा सकता। तकनीकी प्रक्रियाओं की आड़ लेकर खुद को निर्दोष बताना कानून और सच दोनों का अपमान है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय स्वयं यह टिप्पणी कर चुका है कि शराब घोटाले में भारी मात्रा में अवैध धन का लेन-देन हुआ और उसी काले धन का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव में किया। तकनीकी राहत को क्लीन चिट बताकर जनता को गुमराह करना न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि राजनीतिक बेईमानी भी है।
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