मथुरा , अक्टूबर 25 -- शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के गोवर्धन स्थित गिर्राज तलहटी में 'श्री गिर्राज जी सेवा ट्रस्ट' की ओर से दिव्य एवं भव्य छप्पन भोग का आयोजन किया गया। इस अलौकिक आयोजन में भगवान श्री गिर्राज जी महाराज को 56 प्रकार के भांति-भांति के स्वादिष्ठ व्यंजनों का भोग धराया गया। शरद पूर्णिमा की धवल (दूधिया) चांदनी में प्रभु की श्वेत वस्त्रों में सजी छवि दर्शनार्थियों को भावविभोर कर रही थी।

समारोह को दिव्य रूप देने के लिए आयोजन स्थल की बेहद खूबसूरत और भव्य सजावट की गई थी। आयोजकों के अनुसार, इस सजावट और प्रभु के श्रृंगार का सारा सामान विशेष रूप से कोलकाता से मंगाया गया, वहीं वातावरण को महकाने के लिए बाहर से दुर्लभ फूल मंगाए गए थे। चंद्रमा की रोशनी, चंद्र सरोवर का विहंगम दृश्य और गिर्राज तलहटी का दिव्य माहौल भक्तों के मन को मोह रहा था।

'श्री गिर्राज जी सेवा ट्रस्ट' के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था द्वारा विगत 33 वर्षों से शरद पूर्णिमा के दिन यह भव्य आयोजन निरंतर किया जा रहा है। शुरुआती दौर में कुछ ही सदस्यों के साथ शुरू हुआ यह प्रयास अब एक विशाल स्वरूप ले चुका है, जिससे आज करीब 8,000 से 10,000 सदस्य और हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुड़े हुए हैं।

शरद पूर्णिमा पर ठाकुर जी के इस अलौकिक रूप और 56 भोग के दर्शनों के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने न केवल ठाकुर जी के दर्शन किए, बल्कि गिर्राज जी की दूध की धारा की परिक्रमा भी लगाई। आयोजन के दौरान विशाल भंडारे का भी प्रबंध किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। करोड़ों रुपये की लागत से होने वाला यह पूरा आयोजन श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा और ठाकुर जी की कृपा से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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