मुंबई , मई 12 -- पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति और प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता की अपील के बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने केंद्र से देश के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे द्वारा पहले व्यक्त की गई चिंताओं को दोहराते हुए, श्री पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय संकट के संभावित आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव को संबोधित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को शामिल करते हुए एक बैठक की अध्यक्षता स्वयं करनी चाहिए।

श्री पवार ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता के मद्देनजर प्रधानमंत्री द्वारा की गई हालिया घोषणाओं का भारत की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधामंत्री द्वारा की गई अचानक आग्रह की प्रवृति ने आम नागरिकों, व्यापारियों, उद्योगों और निवेशकों के बीच चिंता पैदा कर दी है।

श्री पवार ने इस बात पर बल दिया कि ऐसे गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर सामूहिक रूप से चर्चा की जानी चाहिए और देश के हित में सभी राजनीतिक हितधारकों से परामर्श करने के बाद ही निर्णय लिए जाने चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के मद्देनजर केंद्र सरकार को अधिक संवेदनशील एवं परामर्शपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। श्री पवार ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने और भविष्य की नीतिगत उपायों पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रमुख अर्थशास्त्रियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विषय विशेषज्ञों के साथ तत्काल चर्चा करें।

श्री पवार के अनुसार, मौजूदा संकट के दौरान नागरिकों में विश्वास बहाल करना और स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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