कृष्णानगर , मई 20 -- पश्चिम बंगाल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने ग्रामीण निकायों में दलबदल कराने वाले भाजपा नेताओं को कड़ी चेतावनी दी और कहा है कि पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ जाने पर उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, चाहे वह विधायक ही क्यों न हों।

श्री भट्टाचार्य ने इसके साथ ही, कई जिलों में तृणमूल कांग्रेस के पंचायत प्रधानों पर इस्तीफा देने का दबाव बनाने वाले कार्यकर्ताओं से पार्टी को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि इसमें शामिल लोग असली भाजपा कार्यकर्ता नहीं, बल्कि सिर्फ 'चार घंटे वाले सदस्य' हैं और यह तृणमूल कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का नतीजा है।

इसके साथ ही श्री भट्टाचार्य ने नवगठित भाजपा सरकार के विकास का खाका पेश किया। उन्होंने उत्तर बंगाल में दूसरे एम्स की स्थापना, बंगाल की 'ध्वस्त' स्वास्थ्य प्रणाली को पुनर्जीवित करने और विदेशी निवेश व एनआरआई दोनों को राज्य में वापस आकर्षित करने के उद्देश्य से नये औद्योगिक अभियान का वादा किया।

एम्स में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नदिया जिले के कल्याणी पहुंचे श्री भट्टाचार्य ने पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में डॉक्टरों के दंडात्मक तबादलों और 'राजनीतिक एकाधिकार' के कारण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह पंगु हो गयी थी। उन्होंने कहा, "चुनाव से पहले हमने आधुनिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का वादा किया था। सरकार अभी-अभी बनी है। हमें थोड़ा समय दें। पूरी स्वास्थ्य प्रणाली को राजनीतिक नियंत्रण से मुक्त कराया जायेगा।"भाजपा नेता की यह टिप्पणी उन आरोपों पर मचे राजनीतिक घमासान के बीच आयी है, जिनमें कहा गया है कि कई जिलों में तृणमूल कांग्रेस के पंचायत प्रधानों को भाजपा कार्यकर्ताओं के दबाव में इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। खुद को इन घटनाक्रमों से अलग करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोग 'असली भाजपा कार्यकर्ता नहीं' बल्कि 'चार घंटे वाले भाजपा सदस्य' हैं। उन्होंने दावा किया, "आप जो कुछ भी देख रहे हैं, वह तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का नतीजा है। भाजपा किसी भी चुनी हुई सरकार या निर्वाचित निकाय को गिराने के पक्ष में नहीं है। यह हमारा रास्ता नहीं है।"श्री भट्टाचार्य ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई से संगठन के भीतर किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा, "कोई नेता चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, यहां तक कि वह विधायक ही क्यों न हो, अगर कोई भी पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ जाकर पंचायत के ढांचे को बदलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।"बंगाल के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर श्री भट्टाचार्य ने घोषणा की कि उत्तर बंगाल को जल्द ही दूसरा एम्स मिलेगा। बंगाल को 'उत्तर-पूर्व भारत का प्रवेश द्वार' बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार राज्य के खोये हुए औद्योगिक व आर्थिक गौरव को बहाल करना चाहती है। उन्होंने कहा, "ब्रिटिश भारत के दौरान कभी वैश्विक जीडीपी में बंगाल का बहुत बड़ा योगदान हुआ करता था। ऐसा समृद्ध बंगाल आज पिछड़ा हुआ नहीं रह सकता।"श्री भट्टाचार्य ने विदेशों में अपना व्यवसाय स्थापित कर चुके बंगाल के एनआरआई से भी सीधी अपील की और उनसे राज्य में निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा, "वापस आइए। बंगाल निवेश के अनुकूल माहौल प्रदान करेगा।" उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी रोजगार, औद्योगिक विकास और 'अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा' की मांग कर रही है।

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