चित्रकूट , मई 16 -- उत्तर प्रदेश के पौराणिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थल चित्रकूट में शनिवार को शनि अमावस्या एवं वट अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। एक अनुमान के अनुसार सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाकर कामदगिरि की परिक्रमा की।
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी। बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने करीब पांच किलोमीटर लंबी कामदगिरि परिक्रमा पूरी की। पूरे तीर्थ क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण बना रहा।
मुख्य द्वार के संत मदन दास ने बताया कि शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या पर कामदगिरि की परिक्रमा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक परिक्रमा और दान-पुण्य करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी फसल, व्यापारियों को व्यवसाय में लाभ तथा ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त होती है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रमुख मार्गों और परिक्रमा पथ पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। यात्रियों के लिए पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित