प्रयागराज , जून 18 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले से जुड़े विवाद के संदर्भ में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जीआरपी थाना प्रयागराज में दर्ज एक मुकदमे में क्लीन चिट मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके सहयोगियों के विरुद्ध दर्ज मामले की जांच के दौरान आरोप असत्य पाए गए हैं, जिसके बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है।
उल्लेखनीय है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने जीआरपी थाना प्रयागराज में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि पेशी पर प्रयागराज आते समय शंकराचार्य के समर्थकों ने ट्रेन में उन पर हमला किया था। इसी आरोप के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि विवेचना के दौरान आरोपों की पुष्टि नहीं हुई और मामला फर्जी पाया गया। हालांकि, इस संबंध में जब जीआरपी प्रयागराज के पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा से संपर्क किया गया तो उन्होंने मामले में जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने न तो मामले को फर्जी पाए जाने की पुष्टि की और न ही किसी अंतिम रिपोर्ट (फाइनल रिपोर्ट) दाखिल किए जाने की पुष्टि की।
गौरतलब है कि पिछली आठ मार्च को गाजियाबाद से प्रयागराज आ रहे आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में कथित हमला हुआ था। आरोप के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे सिराथू रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से उन पर हमला किया और उनकी नाक काटने का प्रयास किया था।
फिलहाल मामले में क्लीन चिट दिए जाने का दावा और पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि न होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले को लेकर संबंधित पक्षों और पुलिस प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
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