पौड़ी , जून, 25 -- उत्तराखंड में जनपद पौड़ी के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को शंकरपुर क्षेत्र का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज शंकरपुर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग खंड धुमाकोट कार्यालय और अदालीखाल पंपिंग योजना का निरीक्षण कर सड़क एवं पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

चौपाल में ग्रामीणों ने नैनीडांडा में अधूरे पड़े मिनी स्टेडियम, मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति, पेयजल आपूर्ति में अनियमितता तथा सड़क मार्गों पर मलबा जमा होने जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। जिलाधिकारी ने मिनी स्टेडियम के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने तथा क्षेत्र की करीब 20 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों द्वारा कमेड़ा पंपिंग योजना, बिना जलापूर्ति के निर्मित टंकियों और स्टैंडपोस्टों से जुड़ी शिकायतें भी सामने रखी गईं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को क्षेत्र में रुककर स्थलीय निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। गौला मल्ला, क्यार्की मल्ली सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल संकट की शिकायतों पर जल निगम और जल संस्थान को संयुक्त निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

वन्यजीवों के बढ़ते खतरे के संबंध में वन विभाग ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है तथा गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे। वहीं सड़क मार्गों पर पड़े मलबे को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को तत्काल जेसीबी लगाने के निर्देश दिए गए।

मनरेगा जॉब कार्ड काटे जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्रामसभा के प्रस्ताव के बिना किसी का जॉब कार्ड निरस्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध कराने तथा पेड़ों पर टूटे विद्युत तारों से करंट आने की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के भी निर्देश दिए।

विद्यालय में बालिका शौचालय निर्माण और भवन मरम्मत की मांग पर जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने को कहा। चौपाल के बाद उन्होंने स्वयं शंकरपुर क्षेत्र में पेयजल कनेक्शन काटे जाने और जलापूर्ति बाधित होने की शिकायतों का निरीक्षण किया तथा अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह के भीतर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित